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    •     bn:00001092n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2019/05/25     •         •     Categories: تمثيل, فنون الأداء, لعب الأدوار

  تمثيل · التمثيل · الأداء التمثيلي · تمْثِيْل · مجموعة

التمثيل هو تقمص الشخصيات الدرامية ومحاولة محاكتها على أرض الواقع وتجسيد ملامح وصفات تلك الشخصيات وأبعادها المتباينة في الرواية أو المسرحية المكتوبة. Wikipedia

    •     bn:00001092n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2019/05/25     •         •     Categories: 戏剧

  演技 · 演戏 · 表演 ·

演技,是表演者在舞台上或摄像机前,借由动作、姿势和声调来扮演某一角色的艺术。 Wikipedia

    •     bn:00001092n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2019/05/25     •         •     Categories: Acting, Role-playing

  acting   · performing · playacting · playing · set  

The performance of a part or role in a drama WordNet

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Acting is an activity in which a story is told by means of its enactment by an actor or actress who adopts a character—in theatre, television, film, radio, or any other medium that makes use of the mimetic mode. Wikipedia
Impersonation of a fictional character Wikidata
The art of representing a character, in a movie or a play. OmegaWiki
A performance. Wiktionary
In printing and display, a group of related characters, such as a character set. Microsoft Terminology

    •     bn:00001092n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2019/05/25     •    

  comédie · jeu   · métier d'acteur · théâtre  

Action de faire du cinéma ou du théâtre Wikidata

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Art de jouer un personnage, dans un film ou une pièce de théâtre. OmegaWiki

    •     bn:00001092n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2019/05/25     •         •     Categories: Schauspiel, Theatergenre

  Schauspiel   · Satz   · Schauspielerei · Schauspielkunst · Sprechtheater

Der Begriff Schauspiel im Theater wird entweder für ein überwiegend gesprochenes Drama verwendet oder für eine Sparte der Bühnenkünste, die von Schauspielern ausgeübt wird. Wikipedia

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Überwiegend gesprochene Darbietung Wikidata

    •     bn:00001092n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2019/05/25     •         •     Categories: Θέατρο, Κινηματογράφος

  υποκριτική · ηθοποιία

Η Υποκριτική είναι η τέχνη του ηθοποιού, ο οποίος ασχολείται με το θέατρο, την τηλεόραση ή τον κινηματογράφο. Wikipedia

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Το να υποδύεται ένας ηθοποιός ένα ρόλο σε θεατρικό έργο Greek WordNet

    •     bn:00001092n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2019/05/25     •         •     Categories: משחק, קצרמר אמנות

  משחק (אמנות הבמה) · מִשְׂחָק · ערכה

משחק הוא עבודתו של השחקן - הופעה בתיאטרון, בקולנוע או בטלוויזיה. Wikipedia

    •     bn:00001092n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2019/05/25     •         •     Categories: अभिनय, नाटक, नाट्यकला

  अभिनय

अभिनय किसी अभिनेता या अभिनेत्री के द्वारा किया जाने वाला वह कार्य है जिसके द्वारा वे किसी कथा को दर्शाते हैं, साधारणतया किसी पात्र के माध्यम से। अभिनय का मूल ग्रन्थ नाट्यशास्त्र माना जाता है। इसके रचयिता भरतमुनि थे। जब प्रसिद्ध या कल्पित कथा के आधार पर नाट्यकार द्वारा रचित रूपक में निर्दिष्ट संवाद और क्रिया के अनुसार नाट्यप्रयोक्ता द्वारा सिखाए जाने पर या स्वयं नट अपनी वाणी, शारीरिक चेष्टा, भावभंगी, मुखमुद्रा वेषभूषा के द्वारा दर्शकों को, शब्दों को शब्दों के भावों का प्रिज्ञान और रस की अनुभूति कराते हैं तब उस संपूर्ण समन्वित व्यापार को अभिनय कहते हैं। भरत ने नाट्यकारों में अभिनय शब्द की निरुक्ति करते हुए कहा है: "अभिनय शब्द 'णीं' धातु में 'अभि' उपसर्ग लगाकर बना है। अभिनय का उद्देश्य होता है किसी पद या शब्द के भाव को मुख्य अर्थ तक पहुँचा देना; अर्थात्‌ दर्शकों या सामाजिकों के हृदय में भाव या अर्थ से अभिभूत करना"। कविराज विश्वनाथ ने सहित्य दर्पण के छठे परिच्छेद के आरम्भ में कहा है: 'भवेदभिनयोSवस्थानुकार:' अर्थात् अवस्था का अनुकरण ही अभिनय कहलाता है। अभिनय करने की प्रवृत्ति बचपन से ही मनुष्य में तथा अन्य अनेक जीवों में होती है। हाथ, पैर, आँख, मुंह, सिर चलाकर अपने भाव प्रकट करने की प्रवृत्ति सभ्य और असभ्य जातियों में समान रूप से पाई जाती है। उनके अनुकरण कृत्यों का एक उद्देश्य तो यह रहता है कि इससे उन्हें वास्तविक अनुभव जैसा आनंद मिलता है और दूसरा यह कि इससे उन्हें दूसरों को अपना भाव बताने में सहायता मिलती है। इसी दूसरे उद्देश्य के कारण शारीरिक या आंगिक चेष्टाओं और मुखमुद्राओं का विकास हुआ जो जंगली जातियों में बोली हुई भाषा के बदले या उसकी सहायक होकर अभिनय प्रयोग में आती है। == चार प्रकार के अभिनय == भरत ने चार प्रकार का अभिनय माना है - आंगिक, वाचिक, आहार्य और सात्विक। === आंगिक अभिनय === आंगिक अभिनय का अर्थ है शरीर, मुख और चेष्टाओं से कोई भाव या अर्थ प्रकट करना। सिर, हाथ, कटि, वक्ष, पार्श्व और चरण द्वारा किया जानेवाला अभिनय या आंगिक अभिनय कहलाता है और आँख, भौंह, अधर, कपोल और ठोढ़ी से किया हुआ मुखज अभिनय, उपांग अभिनय कहलाता है। चेष्टाकृत अभिनय उसे कहते हैं जिसमें पूरे शरीर की विशेष चेष्टा के द्वारा अभिनय किया जाता है जैसे लँगड़े, कुबड़े, या बूढ़े की चेष्टाएँ दिखाकर अभिनय करना। ये सभी प्रकार के अभिनय विशेष रस, भाव तथा संचारी भाव के अनुसार किए जाते हैं। शरीर अथवा आंगिक अभिनय में सिर के तरह, दृष्टि के छत्तीस, आँख के तारों के नौ, पुट के नौ, भौंहों के सात, नाक के छह, कपोल के छह, अधर के छह और ठोढ़ी के आठ अभिनय होते हैं। व्यापक रूप से मुखज चेष्टाओं में अभिनय छह प्रकार के होते हैं। भरत ने कहा है कि मुखराग से युक्त शारीरिक अभिनय थोड़ा भी हो तो उससे अभिनय की शोभा दूनी हो जाती है। यह मुखराग चार प्रकार का होता है---स्वाभाविक, प्रसन्न, रक्त और श्याम। ग्रीवा का अभिनय भी विभिन्न भावों के अनुसार नौ प्रकार का होता है। आंगिक अभिनय में तेरह प्रकार का संयुक्त हस्त अभिनय, चौबीस प्रकार का असंयुक्त हस्त अभिनय, चौंसठ प्रकार का नृत्त हस्त का अभिनय और चार प्रकार का हाथ के कारण का अभिनय बताया गया है। इसके अतिरिक्त वक्ष के पाँच, पार्श्व के पाँच, उदर के तीन, कटि के पाँच, उरु के पाँच, जंघा के पाँच और पैर के पाँच प्रकार के अभिनय बताए गए हैं। भरत ने सोलह भूमिचारियों और सोलह आकाशचारियों का वर्णन करके दस आकाशमंडल और उस भौम मंडल के अभिनय का परिचय देते हुए गति के अभिनय का विस्तार से वर्णन किया है कि किस भूमिका के व्यक्ति की मंच पर किस रस में, कैसी गति होनी चाहिए, किस जाती, आश्रम, वर्ण और व्यवसाय वाले को रंगमंच पर कैसे चलना चाहिए तथा रथ, विमान, आरोहण, अवरोहण, आकाशगमन आदि का अभिनय किस गति से करना चाहिए। गति के ही समान आसन या बैठने की विधि भी भरत ने विस्तार से समझाई है। जिस प्रकार यूरोप में घनवादियों ने अभिनयकौशल के लिए व्यायाम का विधान किया है वैसे ही भरत ने भी अभिनय का ऐसा विस्तृत विवरण दिया है कि अभिनय के संबंध में संसार में किसी देश में अभिनय कला का वैसा सांगोपांग निरूपण नहीं हुआ। === सात्विक अभिनय === सात्विक अभिनय तो उन भावों का वास्तविक और हार्दिक अभिनय है जिन्हें रस सिद्धांतवाले सात्विक भाव कहते हैं और जिसके अंतर्गत, स्वेद, स्तंभ, कंप, अश्रु, वैवर्ण्य, रोमांच, स्वरभंग और प्रलय की गणना होती है। इनमें से स्वेद और रोमांच को छोड़कर शेष सबका सात्विक अभिनय किया जा सकता है। अश्रु के लिए तो विशेष साधना आवश्यक है, क्योंकि भाव मग्न होने पर ही उसकी सिद्धि हो सकती है। === वाचिक अभिनय === अभिनेता रंगमंच पर जो कुछ मुख से कहता है वह सबका सब वाचिक अभिनय कहलाता है। साहित्य में तो हम लोग व्याकृता वाणी ही ग्रहण करते हैं, किंतु नाटक में अव्याकृता वाणी का भी प्रयोग किया जा सकता है। चिड़ियों की बोली, सीटी देना या ढोरों को हाँकते हुए चटकारी देना आदि सब प्रकार की ध्वनियों को मुख से निकालना वाचिक अभिनय के अंतर्गत आता है। भरत ने वाचिक अभिनय के लिए ६३ लक्षणों का और उनके दोष-गुण का भी विवेचन किया है। वाचिक अभिनय का सबसे बड़ा गुण है अपनी वाणी के आरोह-अवरोह को इस प्रकार साध लेना कि कहा हुआ शब्द या वाक्य अपने भाव और प्रभाव को बनाए रखे। वाचिक अभिनय की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यदि कोई जवनिका के पीछे से भी बोलता हो तो केवल उसकी वाणी सुनकर ही उसकी मुखमुद्रा, भावभंगिमा और आकांक्षा का ज्ञान किया जा सके। === आहार्य अभिनय === आहार्य अभिनय वास्तव में अभिनय का अंग न होकर नेपथ्यकर्म का अंग है और उसका संबंध अभिनेता से उतना नहीं है जितना नेपथ्यसज्जा करनेवाले से। किंतु आज के सभी प्रमुख अभिनेता और नाट्यप्रयोक्ता यह मानने लगे हैं कि प्रत्येक अभिनेता को अपनी मुखसज्जा और रूपसज्जा स्वयं करनी चाहिए। भरत के नाट्यशास्त्र में सबसे विचित्र प्रकरण है चित्राभिनय का, जिसमें उन्होंने ऋतुओं, भावों, अनेक प्रकार के जीवों, देवताओं, पर्वत, नदी, सागर आदि का, अनेक अवस्थाओं तथा प्रात:, सायं, चंदज्योत्स्ना आदि के अभिनय का विवरण दिया है। यह समूचा अभिनयविधान प्रतीकात्मक ही है, किंतु ये प्रतीक उस प्रकार के नहीं हैं जिस प्रकार के यूरोपीय प्रतीकाभिनयवादियों ने ग्रहण किए हैं। == पाश्चात्य देशों में अभिनय का इतिहास == यूनान में देवताओं की पूजा के साथ जो नृत्य प्रारंभ हुआ वही वहाँ का अभिनयकला का प्रथम रूप था जिसमें नृत्य के द्वारा कथा के भाव की अभिव्यक्ति की जाती थी। यूनान में प्रारंभ में धार्मिक वेदी के चारों ओर जाए नाटकीय नृत्य होते थे उनमें सभी लोग समान रूप से भाग लेते थे, किंतु पीछे चलकर समवेत गायकों में से कुछ चुने हुए समर्थ अभिनेता ही मुख्य भूमिकाओं के लिए चुन लिए जाते थे जाए एक का ही नहीं, कई की भूमिकाओं का अभिनय करते थे क्योंकि मुखौटा पहनने की रीति के कारण यह संभव हो गया था। मुखौटे के प्रयोग के कारण वहाँ वाचिक अभिनय तो बहुत समुन्नत हुआ किंतु मुखमुद्राओं से अभिनय करने की रीति पल्लवित न हो सकी। इटलीवासियों में अभिनय की रुचि बड़ी स्वाभाविक है। नाटक लिखे जाने से बहुत पहले से ही वहाँ यह साधारण प्रवृत्ति रही है कि किसी दल को जहाँ कोई विषय दिया गया कि वह झट उसका अभिनय प्रस्तुत कर देता था। संगीत, नृत्य और दृश्य के इस प्रेम ने वहाँ के राजनीतिक और धार्मिक संघर्ष में भी अभिनयकला को जीवित रखने में बड़ी सहायता दी है। यूरोप में अभिनय कला को सबसे अधिक महत्व दिया शेक्सपियर ने। उसने स्वयं मानव स्वभाव के सभी चरित्रों का चित्रण किया है। उसने हैमलेट के संवाद में श्रेष्ठ अभिनय के मूल तत्वों का समावेश करते हुए बताया है कि अभिनय में वाणी और शरीर के अंगों का प्रयोग स्वाभाविक रूप से करना चाहिए, अतिरंजित रूप से नहीं। १८वीं शताब्दी में ही यूरोप में अभिनय के संबंध में विभिन्न सिद्धांतों और प्रणालियों का प्रादुर्भाव हुआ। फ्रांसीसी विश्वकोशकार देनी दिदरो ने उदात्तवादी फ्रांसीसी नाटक और उसकी रूढ़ अभिनय पद्धति से ऊबकर वास्तविक जीवन के नाटक का सिद्धांत प्रतिपादित किया और बताया कि नाटक को फ्रांस के बुर्जुवा जीवन की वास्तविक प्रतिच्छाया बनना चाहिए। उसने अभिनेता को यह सुझाया कि प्रयोग के समय अपने पर ध्यान देना चाहिए, अपनी वाणी सुननी चाहिए और अपने आवेगों की स्मृतियाँ ही प्रस्तुत करनी चाहिए। किंतु 'मास्को स्टेज ऐंड इंपीरियल थिएटर' के भूतपूर्व प्रयोक्ता और कलासंचालक थियोदोर कौमिसारजेवस्की ने इस सिद्धांत का खंडन करते हुए लिखा था: अब यह सिद्ध हो चुका है कि यदि अभिनेता अपने अभिनय पर सावधानी से ध्यान रखता रहे तो वह न दर्शकों को प्रभावित कर सकता है और न रंगमंच पर किसी भी प्रकार की रचानात्मक सृष्टि कर सकता है, क्योंकि उसे अपने आंतरिक स्वात्म पर जो प्रतिबिंब प्रस्तुत करते हैं उनपर एकाग्र होने के बदले वह अपने बाह्य स्वात्म पर एकाग्र हो जाता है जिससे वह इतना अधिक आत्मचेतन हो जाता है कि उसकी अपनी कल्पना शक्ति नष्ट हो जाती है। अत:, श्रेष्ठतर उपाय यह है कि वह कल्पना के आश्रय पर अभिनय करे, नवनिर्माण करे, नयापन लाए और केवल अपने जीवन के अनुभवों का अनुकरण या प्रतिरूपण न करे। जब कोई अभिनेता किसी भूमिका का अभिनय करते हुए अपनी स्वयं की उत्पादित कल्पना के विश्व में विचरण करने लगता है उस समय उसे न तो अपने ऊपर ध्यान देना चाहिए, न नियंत्रण रखना चाहिए और न तो वह ऐसा कर ही सकता है, क्योंकि अभिनेता की अपनी भावना से उद्भूत और उसकी आज्ञा के अनुसार काम करनेवाली कल्पना अभिनय के समय उसके आवेग और अभिनय को नियंत्रित करती, पथ दिखलाती और संचालन करती है। २०वीं शताब्दी में अनेक नाट्यविद्यालयों, नाट्यसंस्थाओं और रंगशालाओं ने अभिनय के संबंध में अनेक नए और स्पष्ट सिद्धांत प्रतिपादित किए। मार्क्स रीनहार्ट ने जर्मनी में और फ़िर्मी गेमिए ने पेरिस में उस प्रकृतिवादी नाट्यपद्धति का प्रचलन किया जिसका प्रतिपादन फ्रांस में आंदे आंत्वाँ ने और जर्मनी में क्रोनेग ने किया था और जिसका विकास बर्लिन में ओटोब्राह्म ने और मास्को में स्तानिस्लवस्की ने किया। इन प्रयोक्ताओं ने बीच-बीच में प्रकृतिवादी अभिनय में या तो रीतिवादी लोगों के विचारों का सन्निवेश किया या सन्‌ १९१० के पश्चात्‌ क्रोमिसारजेवस्की ने अभिनय के संश्लेषणात्मक सिद्धांतों का जो प्रवर्त्तन किया था उनका भी थोड़ा बहुत समावेश किया; किंतु अधिकांश ्फ्रांसीसी अभिनेता १८वीं शताब्दी की प्राचीन रोमांसवादी पद्धति का अर्धोदात्त अभिनयपद्धति का ही प्रयोग करते रहे। सन्‌ १९१० के पश्चात्‌ जितने अभिनयसिद्धांत प्रसिद्ध हुए उनमें सर्वप्रसिद्ध मास्कों आर्ट थिएटर के प्रयोक्ता स्तानिसलवस्की की प्रणाली है जिसका सिद्धांत यह है कि कोई भी अभिनेता रंगमंच पर तभी स्वाभाविक और सच्चा हो सकता है जब वह उन आवेगों का प्रदर्शन करे जिनका उसने अपने जीवन में अनुभव किया हो। अभिनय में यह आंतरिक प्रकृतिवाद स्तानिसलवस्की की कोई नई सूझी नहीं थी क्योंकि कुछ फ्रांसीसी नाट्यज्ञों ने १८वीं शताब्दी में इन्हीं विचारों के आधार पर अपनी अभिनय पद्धतियाँ प्रवर्तित की थीं। स्तानिसलवस्की के अनुसार वे ही अभिनेता प्रेम के दृश्य का प्रदर्शन भली-भाँति कर सकते हैं जो वास्तविक जीवन में प्रेम कर रहे हों। स्तानसिलवस्की के सिद्धांत के विरुद्ध प्रतीकवादियों, रीतिवादियों और अभिव्यंजनावादियों ने नई रीति चलाई जिसमें सत्यता और जीवनतुल्यता का पूर्ण बहिष्कार करके कहा गया कि अभिनय जितना ही कम, वास्तविक और कम जीवनतुल्य होगा उतना ही अच्छा होगा। अभिनेता को निश्चित चरित्रनिर्माण करने का प्रयत्न करना चाहिए। उसे गूढ़ विचारों का रूढ़ रीति से अपनी वाणी, अपनी चेष्टा और मुद्राओं द्वारा प्रस्तुत करना चाहिए और वह अभिनय रूढ़, जीवन-साम्य-हीन, चित्रमय और कठपुतली--नृत्य--शैली में प्रस्तुत करना चाहिए। रूढ़िवादी लोग आगे चलकर मेयरहोल्द, तायरोफ़ और अरविन पिस्काटर के नेतृत्व में अभिनय में इतनी उछल-कूद, नटविद्या और लयगति का प्रयोग करने लगे कि रंगमंच पर उनका अभिनय ऐसा प्रतीत होने लगा मानों कोई सरकस हो रहा हो जिसमें उछल-कूद, शरीर का कलात्मक संतुलन और इसी प्रकार की गतियों की प्रधानता हो। यह अभिनय ही घनवादी अभिनय कहलाने लगा। इन लयवादियों में से मेयरहोल्द तो आगे चलकर कुछ प्रकृतिवादी हो गया किंतु लियोपोल्ड जेस्सवर, निकोलसऐवरेनोव आदि अभिव्यंजनावादी, या यों कहिए कि अतिरंजित अभिनयवादी लोग कुछ तो रूढ़िवादियों की प्रणालियों का अनुसरण करते रहे और कुछ मनोवैज्ञानिक प्रकृतिवादी पद्धति का। इस प्रकार अभिनय की दृष्टि से यूरोप में पाँच प्रकार की अभिनय पद्धतियाँ चलीं : रूढ़िवादी या स्थिर रीतिवादी, प्रकृतिवादी, अभिव्यंजनावादी जो अतिरंजित अभिनय करते थे, घनवादी जो संतुलित व्यायामपूर्ण गतियों द्वारा यंत्रात्मक अभिनय करते थे और प्रतीकवादी, जिन्होंने अपने अभिनय में प्रत्येक भाव के अनुसार कुछ निश्चित मुखमुद्राएँ और आंगिक गतियाँ प्रतीक के रूप में मान ली थीं और उन सब भावों की अवस्थाओं में से लोग उन्हीं प्रतीकों का अभिनय करते थे। किंतु ये प्रतीक भारतीय मुद्राप्रतीकों से पूर्णत: भिन्न थे। यह प्रतीकवाद यूरोप में सफल नहीं हो सका। २०वीं शताब्दी के चौथे दशक से, अर्थात्‌ द्वितीय महायुद्ध के आसपास, यूरोप की अभिनयप्रणाली में परिवर्तन हुआ और प्राय: सभी यूरोपीय तथा अमरीकी रंगशालाओं में प्रत्येक अभिनेता से यह आशा की जाने लगी कि वह अपने अभिनय में कोई नवीनता और मौलिकता दिखाकर अत्यंत अप्रत्याशित ढंग का अभिनय करके लोगों को संतुष्ट करे। आजकल अभिनेता के लिए यह आवश्यक माना जाने लगा है कि वह अपनी कल्पना का प्रयोग करके नाटक के भाव की प्रत्येक परिस्थिति में अपने अभिनय का ऐसा संश्लिष्ट संयोजन करे कि उससे नाटक में कुछ विशेष चेतना और सजीवता उत्पन्न हो। उसका धर्म है कि वह रंगशाला के व्यावहारिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर अपनी प्रतिभा के बल से नाटककार की भावना का उचित और स्पष्ट संरक्षण करता हुआ नाटक का प्रवाह और प्रभाव बनाए रखे। आजकल के प्रसिद्ध अभिनेताओं का कथन है कि अभिनेता को किसी विशेष पद्धति का अनुसरण नहीं करना चाहिए और न किसी अभिनेता का अनुसरण करना चाहिए। वास्तव में अभिनय का कोई एक सिद्धांत नहीं है, जो दो नाटकों के लिए या दो अभिनेताओं के लिए किसी एक परिस्थिति में समान कहा जा सके। आजकल के अभिनेता संचालक इसी मत के हैं कि अच्छे अभिनेता को संसार के सब नाटकों की सब भूमिकाओं के लिए कोई निश्चित प्रणाली ढूँढ निकालनी चाहिए और तदनुसार अपने को स्वयं शिक्षित करते चलना चाहिए। आजकल के अधिकांश नाट्यघरों का मत है कि नाटक को प्रभावशाली बनाने के लिए अभिनेता को न तो बहुत अधिक प्रकृतिवादी होना चाहिए और न अधिक अभिव्यंजनावादी या लयवादी। अतिरंजित अभिनय तो कभी करना ही नहीं चाहिए। आजकल की अभिनयप्रणाली में एक चरित्राभिनय की रीति चली है जिसमें एक अभिनेता किसी विशेष प्रकार के चरित्र में विशेषता प्राप्त करके सद सब नाटकों में उसी प्रकार की भूमिका ग्रहण करता है। चलचित्रों के कारण इस प्रकार के चरित्र अभिनेता बहुत बढ़ते जा रहे हैं। भूमिका में स्वीकृत पद, प्रकृति, रस और भाव के अनुसार छह प्रकार की गतियों में अभिनय होता है---अत्यंत करुण में स्तब्ध गति, शांत में मंद गति, श्रृंगार, हास और बीभत्स में साधारण गति, वीर में द्रुत गति, रौद्र में वेगपूर्ण गति और भय में अतिवेगपूर्ण गति। इन सबका विधान विभिन्न भावों, व्यक्तियों, अवस्थाओं और परिस्थितियें पर अवलंबित होता है। अभिनय का क्षेत्र बहुत व्यापक है। संक्षेप में यही कहा जाए सकता है कि अभिनेता को मौलिक होना चाहिए और किसी पद्धति का अनुसरण न करके यह प्रयत्न करना चाहिए कि अपनी रचना के द्वारा नाटककार जो प्रभाव दर्शकों पर डालना चाहता है उसका उचित विभाजन हो सके। == पात्र प्राप्त करना == कोई भी अभिनेता उसे दिये गये पात्र को कैसे समझ सकता है? Wikipedia

    •     bn:00001092n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2019/05/25     •    

  recitazione · Arte drammatica · recitare · set · Arti drammatiche

Modo in cui un attore recita ItalWordNet

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L'arte drammatica è l'arte del recitare. Wikipedia
Arte di rappresentare un personaggio, in un film o in un'opera teatrale. OmegaWiki

    •     bn:00001092n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2019/05/25     •         •     Categories: 役, 演劇, 表現技術

  演技

演技(えんぎ)とは、それを見る者がいる前提において、身体による技術を見せ、何かを表現する行為。 Wikipedia

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芝居で役割、配役を演じること Japanese WordNet

    •     bn:00001092n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2019/05/25     •         •     Categories: Театр

  Актёрское искусство · Актерское искусство · Искусство актера · Искусство актёра · Мастерство актёра

Актёрское искусство Wikipedia

    •     bn:00001092n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2019/05/25     •         •     Categories: Actuación

  actuación · actuacion · dramatización · interpretación · juego

Actuación es el trabajo realizado por un actor o actriz al representar a un personaje en una obra teatral, cinematográfica o de otro tipo. Wikipedia

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Arte dramática que consiste en representar un personaje Wikidata
Arte de representar personajes en una película o en una obra de teatro. OmegaWiki
Interpretación de una parte o un papel en una pieza_de_teatro. Multilingual Central Repository


 

Translations

تمثيل, التمثيل, الأداء التمثيلي, تمْثِيْل, مجموعة, ممثلين, playacting, أداء, تعمل
演技, 演戏, 表演, 集, 作 用, 执行
acting, performing, playacting, playing, set, Acting technique, Off-book
comédie, jeu, métier d'acteur, théâtre, intérimaire, action, effectuer, par intérim
schauspiel, satz, schauspielerei, schauspielkunst, Sprechtheater, Theaterspiel, durchführung, handeln, theaterspielen
υποκριτική, ηθοποιία, playacting, δράση, δράσης, την εκτέλεση
משחק, מִשְׂחָק, ערכה, הצגות, מבצע
अभिनय, नाटक, प्रदर्शन
recitazione, arte drammatica, recitare, set, Arti drammatiche, l'esecuzione, manfrine
演技, 演 技, プレイ, プレー, 実行, 演戯, 芝居, 見せびらかし
актёрское искусство, Актерское искусство, Искусство актера, Искусство актёра, Мастерство актёра, набор, актер, актриса, актёры, артист кино, киноактер, киноактриса, киноактёр, киноартист, киноартистка, playacting, выполнение, действия, действующий
actuación, actuacion, dramatización, interpretación, juego, representación, Actor de cine, Actor de teatro, Actriz de cine, Actríz, Actuar, en funciones, la realización de, playacting

Sources

ItalWordNet senses

recitazione

WordNet du Français

comédie, intérimaire, jeu

MultiWordNet senses

recitazione

Chinese Open WordNet senses

演戏, 表演

Japanese WordNet senses

プレイ, プレー, 演戯, 演技, 芝居

Arabic WordNet (AWN v2) senses

تمْثِيْل

Greek WordNet senses

ηθοποιία, υποκριτική

Multilingual Central Repository senses

actuación, dramatización, interpretación, juego, representación

WOLF senses

intérimaire, jeu

Hebrew senses

מִשְׂחָק

Wiktionary senses

Microsoft Terminology senses

مجموعة
set
jeu
Satz
ערכה
set
набор

Translations from Wikipedia sentences

अभिनय
recitazione
演 技
actuación

Translations from SemCor sentences or monosemous words

playacting, أداء, التمثيل, تعمل
作 用, 执行, 演戏
action, comédie, effectuer, par intérim
durchführung, handeln, theaterspielen
playacting, δράση, δράσης, την εκτέλεση
הצגות, מבצע, משחק
अभिनय, नाटक, प्रदर्शन
l'esecuzione, manfrine, recitazione
実行, 演 技, 演技, 見せびらかし
playacting, выполнение, действия, действующий
actuación, en funciones, la realización de, playacting
6 sources | 14 senses
5 sources | 8 senses
7 sources | 11 senses
6 sources | 13 senses
6 sources | 12 senses
4 sources | 8 senses
5 sources | 7 senses
4 sources | 6 senses
9 sources | 15 senses
5 sources | 12 senses
5 sources | 24 senses
7 sources | 20 senses

Compounds

BabelNet

acting company, acting school, Acting Captain, acting technique, Acting Sergeant
técnicas de actuación

Other forms

BabelNet

الممثل, تمثيلية, وممثل, الممثلة, ممثلة, التمثيلية, ممثل, للتمثيل
actor, acted, plays, actress, act, actors
Sprech-, Sprechtheaters, Theater, Darstellung, Sprechbühne, Sprech
דרמה, שחקנית, המשחק, שחקן, לשחק
arti drammatiche, recitata, recita, interpretato, voce recitante, interpretazione, recitative, recitativo, recitate, recitato, recitando
演じる, 演技事務
актёрскому искусству, актерское мастерство, актёрской игры, актёрского мастерства, актёрскому мастерству
intérprete, actrices, actores, actriz cinematográfica, Actriz, actriz de teatro, Actor, actor, actriz, actuaciones, Interpretación

External Links

DBpedia