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    •     bn:00079658n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2021/04/19     •     Categories: فيدا, كلمات وجمل سنسكريتية, نصوص هندوسية, جميع الانحيازات المرتبطة بالدقة...

  فيدا · Vedas · الفيدا · الفيداس

فيدا ‏ الكتاب المقدس للديانة الهندوسية وهو كتاب يقع في 800 مجلداً تقريباً تم تأليفه طيلة 1000 سنة وقيل 3 آلاف سنة، وهي النصوص المقدسة من الترانيم والتراتيل لدي الآريين الهنود لتكريم الآلهة. Wikipedia

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الكتاب المقدس للديانة الهندوسية Wikidata

    •     bn:00079658n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2021/04/19     •     Categories: 印度人类非物质文化遗产代表作, 梵语词汇, 印度教文献

  吠陀 · 韦达经 · 韦陀经 · Upaveda · 六吠陀

吠陀(梵语:वेद,转写:Veda,又译为韦达经、韦陀经、围陀经等),是婆罗门教和现代的印度教最重要和最根本的经典。 Wikipedia

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印度教经典着作 Wikidata

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    •     bn:00079658n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2021/04/19     •     Categories: Articles with short description, Vedas, Sources of ancient Iranian religion, Sanskrit texts...

  Veda   · Vedic literature · Vedas · Four Vedas · Las Vedas

(from the Sanskrit word for `knowledge') any of the most ancient sacred writings of Hinduism written in early Sanskrit; traditionally believed to comprise the Samhitas, the Brahmanas, the Aranyakas, and the Upanishads WordNet

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(from the Sanskrit word for `knowledge') any of the most ancient sacred writings of Hinduism written in early Sanskrit; traditionally believed to comprise the Samhitas, the Brahmanas, the Aranyakas, and the Upanishads WordNet 2020
The Vedas are a large body of religious texts originating in ancient India. Wikipedia
ancient scriptures of Hinduism Wikidata
Sanskrit scriptures. Wiktionary (translation)
A large body of texts originating in Ancient India. They form the oldest layer of Sanskrit literature and the oldest sacred texts of Hinduism. Wiktionary

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  véda · Veda · Culture védique · Vedas · Védas

Le Veda est un ensemble de textes qui, selon la tradition, ont été révélés aux sages indiens nommés Rishi. Wikipedia

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Ensemble de textes qui ont été révélés aux sages indiens nommés Rishi. Wikidata

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  Veda · Veden · Vedische Schriften · Véda · Weda

Der Veda oder die Veden ist eine zunächst mündlich überlieferte, später verschriftlichte Sammlung religiöser Texte im Hinduismus. Wikipedia

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Eine Sammlung religiöser, indischer Schriften Wikipedia (disambiguation)
Mündlich überlieferter Text des Hinduismus Wikidata

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  Βέδες · Βέδα · Βέντα

θεωρείται ως η ρίζα του κόσμου. Wikipedia

    •     bn:00079658n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2021/04/19     •     Categories: ספרות של העת העתיקה, הינדואיזם, כתבי קודש, קטגוריה

  ודות · ודה · וודות

הוודות הן אוסף של קבצים הנחשבים לעתיקים ביותר. Wikipedia

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  वेद · बेद · वेदो · वेदों · वैदिक वाङ्मय

वेद, प्राचीन भारत के पवित्र साहित्य हैं जो हिन्दुओं के प्राचीनतम और आधारभूत धर्मग्रन्थ भी हैं। वेद, विश्व के सबसे प्राचीन साहित्य भी हैं। भारतीय संस्कृति में वेद सनातन वर्णाश्रम धर्म के, मूल और सबसे प्राचीन ग्रन्थ हैं। 'वेद' शब्द संस्कृत भाषा के विद् ज्ञाने धातु से बना है। इस तरह वेद का शाब्दिक अर्थ 'ज्ञान' है। इसी धातु से 'विदित', 'विद्या', 'विद्वान' जैसे शब्द आए हैं। आज 'चतुर्वेद' के रूप में ज्ञात इन ग्रंथों का विवरण इस प्रकार है - ऋग्वेद - सबसे प्राचीन तथा प्रथम वेद जिसमें मन्त्रों की संख्या 10627 है। ऐसा भी माना जाता है कि इस वेद में सभी मंत्रों के अक्षरों की संख्या 432000 है। इसका मूल विषय ज्ञान है। विभिन्न देवताओं का वर्णन है तथा ईश्वर की स्तुति आदि। यजुर्वेद - इसमें कार्य व यज्ञ की प्रक्रिया के लिये 1975 गद्यात्मक मन्त्र हैं। सामवेद - इस वेद का प्रमुख विषय उपासना है। संगीत में गाने के लिये 1875 संगीतमय मंत्र। अथर्ववेद - इसमें गुण, धर्म, आरोग्य, एवं यज्ञ के लिये 5977 कवितामयी मन्त्र हैं।वेदों को अपौरुषेय माना जाता है। यह ज्ञान विराटपुरुष से वा कारणब्रह्म से श्रुति परम्परा के माध्यम से सृष्टिकर्ता ब्रह्माजी ने प्राप्त किया माना जाता है। यह भी मान्यता है कि परमात्मा ने सबसे पहले चार महर्षियों जिनके अग्नि, वायु, आदित्य और अंगिरा नाम थे के आत्माओं में क्रमशः ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद का ज्ञान दिया, उन महर्षियों ने फिर यह ज्ञान ब्रह्मा को दिया। इन्हें श्रुति भी कहते हैं जिसका अर्थ है 'सुना हुआ ज्ञान'। अन्य आर्य ग्रंथों को स्मृति कहते हैं, यानि वेदज्ञ मनुष्यों की वेदानुगत बुद्धि या स्मृति पर आधारित ग्रन्थ। वेद मंत्रों की व्याख्या करने के लिए अनेक ग्रंथों जैसे ब्राह्मण-ग्रन्थ, आरण्यक और उपनिषद की रचना की गई। इनमे प्रयुक्त भाषा वैदिक संस्कृत कहलाती है जो लौकिक संस्कृत से कुछ अलग है। ऐतिहासिक रूप से प्राचीन भारत और हिन्द-आर्य जाति के बारे में वेदों को एक अच्छा सन्दर्भ श्रोत माना जाता है। संस्कृत भाषा के प्राचीन रूप को लेकर भी इनका साहित्यिक महत्व बना हुआ है। वेदों को समझना प्राचीन काल में भारतीय और बाद में विश्व भर में एक वार्ता का विषय रहा है। इसको पढ़ाने के लिए छः अंगों- शिक्षा, कल्प, निरुक्त, व्याकरण, छन्द और ज्योतिष के अध्ययन और उपांगों जिनमें छः शास्त्र- पूर्वमीमांसा, वैशेषिक, न्याय, योग, सांख्य, और वेदांत व दस उपनिषद्- ईश, केन, कठ, प्रश्न, मुण्डक, मांडुक्य, ऐतरेय, तैतिरेय, छान्दोग्य और बृहदारण्यक आते हैं। प्राचीन समय में इनको पढ़ने के बाद वेदों को पढ़ा जाता था। प्राचीन काल के, वशिष्ठ, शक्ति, पराशर, वेदव्यास, जैमिनी, याज्ञवल्क्य, कात्यायन इत्यादि ऋषियों को वेदों के अच्छे ज्ञाता माना जाता है। मध्यकाल में रचित व्याख्याओं में सायण का रचा चतुर्वेदभाष्य "माधवीय वेदार्थदीपिका" बहुत मान्य है। यूरोप के विद्वानों का वेदों के बारे में मत हिन्द-आर्य जाति के इतिहास की जिज्ञासा से प्रेरित रही है। अतः वे इसमें लोगों, जगहों, पहाड़ों, नदियों के नाम ढूँढते रहते हैं - लेकिन ये भारतीय परंपरा और गुरुओं की शिक्षाओं से मेल नहीं खाता। अठारहवीं सदी उपरांत यूरोपियनों के वेदों और उपनिषदों में रूचि आने के बाद भी इनके अर्थों पर विद्वानों में असहमति बनी रही है। == कालक्रम == मुख्य लेख वैदिक सभ्यता वेद सबसे प्राचीन पवित्र ग्रंथों में से हैं। संहिता की तारीख लगभग 1700-1100 ईसा पूर्व, और "वेदांग" ग्रंथों के साथ-साथ संहिताओं की प्रतिदेयता कुछ विद्वान वैदिक काल की अवधि 1500-600 ईसा पूर्व मानते हैं तो कुछ इससे भी अधिक प्राचीन मानते हैं। जिसके परिणामस्वरूप एक वैदिक अवधि होती है, जो 1000 ईसा पूर्व से लेकर 200 ई.पूर्व तक है। कुछ विद्वान इन्हे ताम्र पाषाण काल का मनते हैं। वेदों के बारे में यह मान्यता भी प्रचलित है कि वेद सृष्टि के आरंभ से हैं और परमात्मा द्वारा मानव मात्र के कल्याण के लिए दिए गए हैं। वेदों में किसी भी मत, पंथ या सम्प्रदाय का उल्लेख न होना यह दर्शाता है कि वेद विश्व में सर्वाधिक प्राचीनतम साहित्य है। वेदों की प्रकृति विज्ञानवादी होने के कारण पश्चिमी जगत में इनका डंका बज रहा है। वैदिक काल, वेद ग्रंथों की रचना के बाद ही अपने चरम पर पहुंचता है, पूरे उत्तरी भारत में विभिन्न शाखाओं की स्थापना के साथ, जो कि ब्राह्मण ग्रंथों के अर्थों के साथ मंत्र संहिताओं को उनके अर्थ की चर्चा करता है, बुद्ध और पाणिनी के काल में भी वेदों का बहुत अध्ययन-अध्यापन का प्रचार था यह भी प्रमाणित है। माइकल विटजेल भी एक समय अवधि देता है 1500 से 500-400 ईसा पूर्व, माइकल विटजेल ने 1400 ईसा पूर्व माना है, उन्होंने विशेष संदर्भ में ऋग्वेद की अवधि के लिए इंडो-आर्यन समकालीन का एकमात्र शिलालेख दिया था। उन्होंने 150 ईसा पूर्व को सभी वैदिक संस्कृत साहित्य के लिए एक टर्मिनस एंटी क्वीन के रूप में, और 1200 ईसा पूर्व अथर्ववेद के लिए टर्मिनस पोस्ट क्वीन के रूप में दिया। मैक्समूलर ऋग्वेद का रचनाकाल 1200 ईसा पूर्व से 200 ईसा पूर्व के काल के मध्य मानता है। दयानन्द सरस्वती चारों वेदों का काल 1960852976 वर्ष हो चुके हैं यह मानता है। वैदिक काल में ग्रंथों का संचरण मौखिक परंपरा द्वारा किया गया था, विस्तृत नैमनिक तकनीकों की सहायता से परिशुद्धता से संरक्षित किया गया था। मौर्य काल में बौद्ध धर्म के उदय के बाद वैदिक समय के बाद साहित्यिक परंपरा का पता लगाया जा सकता है। इसी काल में गृहसूत्र, धर्मसूत्र और वेदांगों की रचना हुई, ऐसा विद्वानों का मत है। इसी काल में संस्कृत व्याकरण पर पाणिनी ने 'अष्टाध्यायी' नामक ग्रंथ लिखा। अन्य दो व्याकरणाचार्य कात्यायन और पतञ्जलि उत्तर मौर्य काल में हुए। चंद्रगुप्त मौर्य के प्रधानमन्त्री चाणक्य ने अर्थशास्त्र नामक ग्रंथ लिखा। शायद 1 शताब्दी ईसा पूर्व के यजुर्वेद के कन्वा पाठ में सबसे पहले; हालांकि संचरण की मौखिक परंपरा सक्रिय रही। माइकल विटजेल ने 1 सहस्त्राब्दी ईसा पूर्व में लिखित वैदिक ग्रंथों की संभावना का सुझाव दिया। कुछ विद्वान जैसे जैक गूडी कहते हैं कि "वेद एक मौखिक समाज के उत्पाद नहीं हैं", इस दृष्टिकोण को ग्रीक, सर्बिया और अन्य संस्कृतियों जैसे विभिन्न मौखिक समाजों से साहित्य के संचरित संस्करणों में विसंगतियों की तुलना करके इस दृष्टिकोण का आधार रखते हुए, उस पर ध्यान देते हुए वैदिक साहित्य बहुत सुसंगत और विशाल है जिसे लिखे बिना, पीढ़ियों में मौखिक रूप से बना दिया गया था। हालांकि जैक गूडी कहते हैं, वैदिक ग्रंथों कि एक लिखित और मौखिक परंपरा दोनों में शामिल होने की संभावना है, इसे "साक्षरता समाज के समानांतर उत्पाद" कहते हैं। वैदिक काल में पुस्तकों को ताड़ के पेड़ के पत्तों पर लिखा जाता था। पांडुलिपि सामग्री की तात्कालिक प्रकृति के कारण, जीवित पांडुलिपियां शायद ही कुछ सौ वर्षों की उम्र को पार करती हैं। पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय का 14 वीं शताब्दी से ऋग्वेद पांडुलिपि है; हालांकि, नेपाल में कई पुरानी वेद पांडुलिपियां हैं जो 11 वीं शताब्दी के बाद से हैं। === प्राचीन विश्वविद्यालय === वेद, वैदिक अनुष्ठान और उसके सहायक विज्ञान वेदांग कहलाते थे, ये वेदांग प्राचीन विश्वविद्यालयों जैसे तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला में पाठ्यक्रम का हिस्सा थे। == वेद-भाष्यकार == प्राचीन काल में माना जाता है कि अग्नि, वायु, आदित्य और अंगिरा ऋषियों को वेदों का ज्ञान मिला उसके बाद ब्रह्मा को और उसके बाद सात ऋषियों को यह ज्ञान मिला - इसका उल्लेख गीता में हुआ है। ऐतिहासिक रूप से ब्रह्मा, उनके मरीचि, अत्रि आदि सात और पौत्र कश्यप और अन्य यथा जैमिनी, पतंजलि, मनु, वात्स्यायन, कपिल, कणाद आदि मुनियों को वेदों का अच्छा ज्ञान था। व्यास ऋषि ने गीता में कई बार वेदों का ज़िक्र किया है। अध्याय 2 में कृष्ण, अर्जुन से ये कहते हैं कि वेदों की अलंकारमयी भाषा के बदले उनके वचन आसान लगेंगे।मध्यकाल में सायणाचार्य को वेदों का प्रसिद्ध भाष्यकार मानते हैं - लेकिन साथ ही यह भी मानते हैं कि उन्होंने ही प्रथम बार वेदों के भाष्य या अनुवाद में देवी-देवता, इतिहास और कथाओं का उल्लेख किया जिसको आधार मानकार महीधर और अन्य भाष्यकारों ने ऐसी व्याख्या की। महीधर और उव्वट इसी श्रेणी के भाष्यकार थे। आधुनिक काल में राजा राममोहन राय का ब्रह्म समाज और दयानन्द सरस्वती का आर्य समाज लगभग एक ही समय में वेदों के सबसे बड़े प्रचारक बने। दयानन्द सरस्वती ने यजुर्वेद और ऋग्वेद का लगभग सातवें मंडल के कुछ भाग तक भाष्य किया। सामवेद और अथर्ववेद का भाष्य पं० हरिशरण सिद्धान्तलंकार ने किया है। वैदिक संहिताओं के अनुवाद में रमेशचंद्र दत्त बंगाल से, रामगोविन्द त्रिवेदी एवं जयदेव वेदालंकार के हिन्दी में एवं श्रीधर पाठक का मराठी में कार्य भी लोगों को वेदों के बारे में जानकारी प्रदान करता रहा है। इसके बाद गायत्री तपोभूमि के श्रीराम शर्मा आचार्य ने भी वेदों के भाष्य प्रकाशित किये हैं - इनके भाष्य सायणाधारित हैं। अन्य भी वेदों के अनेक भाष्यकार हैं। === वेदों का प्रकाशन === वेदों का प्रकाशन शंकर पाण्डुरंग ने सायण भाष्य के अलावा अथर्ववेद का चार जिल्दों में प्रकाशन किया। लोकमान्य तिलक ने ओरायन और द आर्कटिक होम इन वेदाज़ नामक दो ग्रंथ वैदिक साहित्य की समीक्षा के रूप में लिखे। बालकृष्ण दीक्षित ने सन् 1877 ई० में कोलकाता से सामवेद पर अपने ज्ञान का प्रकाशन कराया। श्रीपाद दामोदर सातवलेकर ने सातारा में चारों वेदों की संहिता का श्रमपूर्वक प्रकाशन कराया। तिलक विद्यापीठ, पुणे से पाँच जिल्दों में प्रकाशित ऋग्वेद के सायण भाष्य के प्रकाशन को भी प्रामाणिक माना जाता है। === विदेशी प्रयास === सत्रहवीं सदी में मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब के भाई दारा शूकोह ने कुछ उपनिषदों का फ़ारसी में अनुवाद किया जो पहले फ्रांसिसी और बाद में अन्य भाषाओं में अनूदित हुईं। यूरोप में इसके बाद वैदिक और संस्कृत साहित्य की ओर ध्यान गया। मैक्स मूलर जैसे यूरोपीय विद्वान ने भी संस्कृत और वैदिक साहित्य पर बहुत अध्ययन किया है। लेकिन यूरोप के विद्वानों का ध्यान हिन्द आर्य भाषा परिवार के सिद्धांत को बनाने और उसको सिद्ध करने में ही लगा हुआ है। शब्दों की समानता को लेकर बने इस सिद्धांत में ऐतिहासिक तथ्यों और काल निर्धारण को तोड़-मरोड़ करना ही पड़ता है। इस कारण से वेदों की रचना का समय १८००-१००० ईसा पूर्व माना जाता है जो संस्कृत साहित्य और हिन्दू सिद्धांतों पर खरा नहीं उतरता। लेकिन आर्य जातियों के प्रयाण के सिद्धांत के तहत और भाषागत दृष्टि से यही काल इन ग्रंथों की रचना का मान लिया जाता है। === वेदों का काल === वेदों का अवतरण काल वर्तमान सृष्टि के आरंभ के समय का माना जाता है। इसके हिसाब से वेद को अवतरित हुए 2017 को 1,96,08,53,117 वर्ष होंगे। वेद अवतरण के पश्चात् श्रुति के रूप में रहे और काफी बाद में वेदों को लिपिबद्ध किया गया और वेदों को संरक्षित करने अथवा अच्छी तरह से समझने के लिये वेदों से ही वेदांगों का आविष्कार किया गया। इसमें उपस्थित खगोलीय विवरणानुसार कई इतिहासकार इसे ५००० से ७००० साल पुराना मानते हैं परंतु आत्मचिंतन से ज्ञात होता है कि जैसे सात दिन बीत जाने पर पुनः रविवार आता है वैसे ही ये खगोलीय घटनाएं बार बार होतीं हैं अतः इनके आधार पर गणना श्रेयसकर नहीं।वेद हमें ब्रह्मांड के अनोखे, अलौकिक व ब्रह्मांड के अनंत राज बताते हैं जो साधारण समझ से परे हैं। वेद की पुरातन नीतियां व ज्ञान इस दुनिया को न केवल समझाते हैं अपितु इसके अलावा वे इस दुनियां को पुनः सुचारू तरीके से चलाने में मददगार साबित हो सकते हैं। == वेदों का महत्व == प्राचीन काल से भारत में वेदों के अध्ययन और व्याख्या की परम्परा रही है। वैदिक सनातन वर्णाश्रम धर्म के अनुसार वैदिक काल में ब्रह्मा से लेकर वेदव्यास तथा जैमिनि तक के ऋषि-मुनियों और दार्शनिकों ने शब्द, प्रमाण के रूप में इन्हीं को माना है और इनके आधार पर अपने ग्रन्थों का निर्माण भी किया है। पराशर, कात्यायन, याज्ञवल्क्य, व्यास, पाणिनी आदि को प्राचीन काल के वेदवेत्ता कहते हैं। वेदों के विदित होने यानि चार ऋषियों के ध्यान में आने के बाद इनकी व्याख्या करने की परम्परा रही है । अतः फलस्वरूप एक ही वेद का स्वरुप भी मन्त्र, ब्राह्मण, आरण्यक, उपनिषद् के रुप में चार ही माना गया है। इतिहास, पुराण आदि महान् ग्रन्थ वेदों का व्याख्यान के स्वरूप में रचे गए। प्राचीन काल और मध्ययुग में शास्त्रार्थ इसी व्याख्या और अर्थांतर के कारण हुए हैं। मुख्य विषय - देव, अग्नि, रूद्र, विष्णु, मरुत, सरस्वती इत्यादि जैसे शब्दों को लेकर हुए। वेदवेत्ता महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती के विचार में ज्ञान, कर्म, उपासना और विज्ञान वेदों के विषय हैं। जीव, ईश्वर, प्रकृति इन तीन अनादि नित्य सत्ताओं का निज स्वरूप का ज्ञान केवल वेद से ही उपलब्ध होता है। वेद में मूर्ति पूजा को अमान्य कहा गया है कणाद ने "तद्वचनादाम्नायस्य प्राणाण्यम्" और "बुद्धिपूर्वा वाक्यकृतिर्वेदे" कहकर वेद को दर्शन और विज्ञान का भी स्रोत माना है। हिन्दू धर्म अनुसार सबसे प्राचीन नियम विधाता महर्षि मनु ने कहा वेदोऽखिलो धर्ममूलम् - खिलरहित वेद अर्थात् समग्र संहिता, ब्राह्मण, आरण्यक और उपनिषद के रूप में वेद ही धर्म व धर्मशास्त्र का मूल आधार है। न केवल धार्मिक किन्तु ऐतिहासिक दृष्टि से भी वेदों का असाधारण महत्त्व है। वैदिक युग के आर्यों की संस्कृति और सभ्यता को जानने का वेद ही तो एकमात्र साधन है। मानव-जाति और विशेषतः वैदिकों ने अपने शैशव में धर्म और समाज का किस प्रकार विकास किया इसका ज्ञान केवल वेदों से मिलता है। विश्व के वाङ्मय में इनको प्राचीनतम ग्रन्थ माना जाता है। भारतीय भाषाओं का मूलस्वरूप निर्धारित करने में वैदिक भाषा अत्यधिक सहायक सिद्ध हुई है। यूनेस्को ने ७ नवम्बर २००३ को वेदपाठ को मानवता के मौखिक एवं अमूर्त विरासत की श्रेष्ठ कृतियाँ और मानवता के मौखिक एवं अमूर्त विरासत की श्रेष्ठ कृति घोषित किया। === विवेचना === प्राचीन काल में, भारत में ही, इसकी विवेचना के अंतर के कारण कई मत बन गए थे। मध्ययुग में भी इसके भाष्य को लेकर कई शास्त्रार्थ हुए। वैदिक सनातन वर्णाश्रमी इसमें वर्णित चरित्रों देव को पूज्य और मूर्ति रूपक आराध्य समझते हैं जबकि दयानन्द सरस्वती सहित अन्य कईयों का मत है कि इनमें वर्णित चरित्र एकमात्र ईश्वर के ही रूप और नाम हैं। इनके अनुसार देवता शब्द का अर्थ है - देने वाली वस्तुएँ, विद्वान लोग और सूक्त मंत्र न कि मूर्ति-पूजनीय आराध्य रूप। == वैदिक विवाद == यद्यपि आज के युग में हम सम्पूर्ण संसार में एकता-एकात्मता, प्रेम की भावना बना रहे हैं तथापि उस कालखण्ड में जब ब्रिटेन भारत पर शासन करता था, कुछ आङ्ग्ल अनुवादकों के द्वारा वेदों के अनुवाद से कई मिथक उत्पन्न हो गए। यह कोई दोष नहीं बल्कि सोंची समझी साजिश थी। उनका मुख्य कार्य भारत को खोखला करना और हिन्दुओं को ईसाई बनाना था। उन आंग्ल अनुवादकों का कहना था, "आर्य विदेशी हैं। वे भारत आए और उन्होंने यहाँ रहने वाले लोगों को मारा, ताड़ित किया तथा यहाँ शासन किया। भारतीय लोग जड़ पदार्थों की पूजा किया करते थे, कुछ लोग दस्यु कहे जाते थे। दस्यु या दानव कहलाते थे।" परंतु उसी कालखण्ड के इतिहासकारों ने यह साबित कर दिया कि यह केवल मिथक ही है और इसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है और हडप्पा मोहनजो दड़ो के पूर्वज भी आर्य ही थे। मोहनजो दड़ो के वेदिक होने का प्रमाण खनन में प्राप्त मुद्राओं से ज्ञात हुआ जिसमें से एक का विवरण निम्न है। "Photostat Of Plate No. Wikipedia

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वेद - निराकार सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा प्रदत्त आदि ज्ञान की पाण्डुलिपियाँ है। Wikidata

    •     bn:00079658n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2021/04/19     •     Categories: Testi sacri dell'induismo, Vedismo e brahmanesimo, Discipline spirituali

  Veda · Vêda

Insieme dei libri sacri della tradizione religiosa indiana ItalWordNet

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I Veda sono un'antichissima raccolta in sanscrito vedico di testi sacri dei popoli arii che invasero intorno al XX secolo a.C. l'India settentrionale, costituenti la civiltà religiosa vedica, divenendo, a partire dalla nostra era, opere di primaria importanza presso quel differenziato insieme di dottrine e credenze religiose che va sotto il nome di Induismo. Wikipedia

    •     bn:00079658n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2021/04/19     •     Categories: 古代インド哲学, ヴェーダ, 無形文化遺産, ヒンドゥー教...

  ヴェーダ · ヴェーダ聖典 · 吠陀

初期のサンスクリット語で書かれるヒンズー教で最も古代の神聖な著作の総称 Japanese WordNet

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伝統的に、サンヒター、ブラーフマナ、アランヤカスとウパニシャドから成立すると考えられている Japanese WordNet
ヴェーダ(梵: वेद、Veda)とは、紀元前1000年頃から紀元前500年頃にかけてインドで編纂された一連の宗教文書の総称。 Wikipedia

    •     bn:00079658n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2021/04/19     •     Categories: Книги по алфавиту, Священные писания индуизма, Веды, Ведическая цивилизация

  Веды · Ве́ды · Веда · Ведийская литература · Ведийские писания

Ве́ды (санскр. Wikipedia

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Сборник самых древних священных писаний буддизма на санскрите Wikidata

    •     bn:00079658n     •     NOUN     •     Concept    •     Updated on 2021/04/19     •     Categories: Registro de la Memoria del Mundo, Literatura en sánscrito, Literatura antigua de la India, Palabras en sánscrito...

  Vedas · Literatura védica · Veda · Cuatro Vedas · Escritura vedica

Se denominan Vedas a los cuatro textos más antiguos de la literatura india, base de la religión védica. Wikipedia

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Las antiguas escrituras del hinduismo Wikidata


 

Translations

فيدا, الفيداس, Vedas, الفيدا, الأدب الفيدي, الفيدية الأدب
吠陀, 韦达经, 韦陀经, 吠陀本集, 吠陀经, 吠陀经, upaveda, 六吠陀, 印度的吠陀经典, 吠陀经典, 四吠陀, 吠陀文献
veda, vedic literature, vedas, the veda, four vedas, las vedas, the vedas, three vedas, upaveda, vaidika, vedansh, vedic, vedic philosophy, vedic scripture, vedic scriptures, vedic text, vedic texts, véda, वेद
véda, veda, culture védique, vedas, védas, littérature védique
veda, veden, vedische schriften, weda, weden, véda, vedischen literatur
βέδες, βέδα, Βέντα, veda, βεδική λογοτεχνία
ודות, ודה, וודות, ספרות הוודית
वेद, बेद, वेदो, वेदों, वैदिक वाङ्मय, वैदिक साहित्य
veda, vêda, letteratura vedica
ヴェーダ, ヴェーダ聖典, 吠陀, ヴェーダ文献
веды, ве́ды, веда, ведийская литература, ведийские писания, ведийские тексты, ведическая литература, ведические писания, ведические тексты, ведической литературе, ведической литературы
vedas, literatura védica, veda, escritura vedica, escritura védica, himnos vedicos, himnos védicos, literatura vedica, vedica, vedicas, vedico, vedá, vedás, védica, védicas, védicoCuatro Vedas, Vedaḥ

Sources

WordNet senses

WordNet 2020 senses

ItalWordNet senses

Veda

WOLF senses

véda

Translations from Wikipedia sentences

الأدب الفيدي
吠陀
littérature védique, veda
veda, vedischen literatur
veda, βεδική λογοτεχνία
ודה, ספרות הוודית
वेद, वैदिक साहित्य
letteratura vedica, veda
ведической литературе, веды
literatura védica, veda

Translations from SemCor sentences or monosemous words

الفيدية الأدب, فيدا
吠陀, 吠陀文献
littérature védique, veda
veda, vedischen literatur
veda, βεδική λογοτεχνία
ודה, ספרות הוודית
वेद, वैदिक साहित्य
letteratura vedica, veda
ヴェーダ, ヴェーダ文献
ведической литературы, веды
literatura védica, veda
6 sources | 9 senses
7 sources | 23 senses
7 sources | 27 senses
8 sources | 16 senses
7 sources | 15 senses
6 sources | 9 senses
6 sources | 10 senses
7 sources | 13 senses
7 sources | 9 senses
6 sources | 9 senses
7 sources | 21 senses
6 sources | 53 senses

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Wikipedia categories

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